Rewa news जल गंगा संवर्धन अभियान: रिचार्ज कूपों से होता है भूमिगत जल का संवर्धन

Rewa news पानी धरती पर जीव-जंतुओं और वनस्पितियों के जीवन का आधार है। पृथ्वी के लगभग 70 प्रतिशत भाग पर पानी है। यह पानी महासागरों में संचित होकर वर्षा का आधार बनता है। शेष लगभग 30 प्रतिशत पानी पृथ्वी की सतह पर नदियों, बांधों, तालाबों, हिमनद व ग्लेश्यिरों तथा पृथ्वी के अंदर भूमिगत जल के रूप में संचित है। मानव के दैनिक उपयोग और पेयजल के लिए भू जल का बहुत अधिक उपयोग किया जा रहा है। ट्यूबवेल के माध्यम से सिंचाई के लिए भी भूमिगत जल का भारी मात्रा में उपयोग हो रहा है।
पृथ्वी पर हरियाली और वृक्ष घटने तथा लगातार बढ़ रहे पक्के निर्माण कार्यों के कारण धरती में पर्याप्त मात्रा में वर्षा जल का भण्डारण नहीं हो पा रहा है। वर्षा का पानी धरती के अंदर कम मात्रा में जाता है। इसकी अधिकतर मात्रा नदियों के माध्यम से बहकर पुन: महासागरों में मिल जाता है। भूमिगत जल का संवर्धन करने के लिए रिचार्ज कूप बहुत उपयोग उपाय है। इसके माध्यम से बरसात के बहते हुए पानी को रिचार्ज पिट के माध्यम से फिल्टर करके कुएं में भेजा जाता है। कुएं के माध्यम से धरती के आंतरिक जल स्रोतों में पहुंचकर साफ पानी भण्डारित होता है।
रिचार्ज कूप बनाने के लिए ऐसे कुओं का चयन करें जिनमें वर्षा के बाद दिसम्बर-जनवरी महीने तक पानी रहता है। कुएं से तीन से छ: मीटर की दूरी पर ऐसे स्थान पर रिचार्ज पिट बनाएं जहाँ वर्षा का पानी पर्याप्त मात्रा में संचित होता है। रिचार्ज पिट में नीचे से 50 से.मी. की ऊंचाई पर पाइप लगाकर इसे कुएं से जोड़ दें। रिचार्ज पिट की गहराई तीन मीटर रखें। इसमें सबसे नीचे की परत में 150 एमएम की गिट्टी बिछाएं। इसके बाद इसमें 63 एमएम से 100 एमएम साइज के पत्थरों की परत बिछाएं। इसके बाद आधा मीटर की मोटाई में पुन: 100 से 150 एमएम की गिट्टी बिछाएं। ऊपरी परत को समय-समय पर साफ करना आवश्यक है जिससे कुएं में साफ पानी जाए। रिचार्ज में जितना अधिक पानी वर्षाकाल में जाएगा उतना ही जल संचय बढ़ेगा। हर कुएं में रिचार्ज पिट बनाकर इन्हें 12 मासी बनाया जा सकता है। सामान्य तौर पर लगभग 25 हजार रुपए में रिचार्ज पिट का निर्माण हो जाता है। यदि कुएं का स्वामी स्वयं मजदूरी करता है तो केवल 10 हजार रुपए की लागत में ही इसका निर्माण किया जा सकता है।
