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Rewa news विश्व रंगमंच दिवस पर मण्डप का “गदेला महोत्सव”

Rewa news रीवा: मध्य प्रदेश संस्कृति संचालनालय भोपाल एवं मण्डप सांस्कृतिक शिक्षा कला केंद्र रीवा के संयुक्त तत्वाधान में प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी गदेला महोत्सव का आयोजन हुआ। 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस के अवसर पर ग्राम भलुहा में बाल कलाकार अंशिका मिश्रा और वैष्णवी द्विवेदी द्वारा प्रभु राम की नृत्य के माध्यम से स्तुति किया और फिर प्रसिद्ध दुलदुल घोड़ी लोकनृत्य के कलाकार राजमणि तिवारी भोला भाई द्वारा निर्देशित दुलदुल घोड़ी नृत्य प्रस्तुत हुआ जिसे बादल नट और अंशिका तिवारी ने प्रस्तुत किया। इसमें देश भक्ति गीतों का प्रभावी चयन किया हुआ था। तीसरी प्रस्तुति नाटक पंचलाइट की हुई। मूल कथा फणीश्वर नाथ रेणु की एवं नाट्य रूपान्तरण रंजीत कपूर के द्वारा किया गया है तथा इसका निर्देशन विपुल सिंह ने किया है और प्रस्तुति रावेन्द्र प्रताप शिक्षा सांस्कृतिक समिति रीवा की रही।

पंचलाइट’ आंचलिक कहानी है पिछड़े गाँव के परिवेश का सुन्दर चित्रण प्रस्तुत किया गया है।

रामनवमी के मेले से पेट्रोमेक्स खरीदा, जिसे वे ‘पंचलैट’ कहते हैं। ‘पंचलाइट’ को ये सीधे-सादे लोग सम्मान की चीज समझते हैं। पंचलाइट को देखने के लिए टोली के सभी बालक, औरतें और मर्द इकट्ठे हो जाते हैं। सरदार अपनी पत्नी को आदेश देता है कि शुभ कार्य को करने से पहले वह पूजा-पाठ का प्रबन्ध कर ले। सभी उत्साहित हैं, परन्तु समस्या उठती है कि ‘पंचलैट’ जलाएगा कौन? सीधे-सादे लोग पेट्रोमेक्स को जलाना भी नहीं जानते। गोधन नाम का एक युवक है। वह गाँव की मुनरी नामक एक युवती से प्रेम करता है। मुनरी की माँ ने पंचों से गोधन की शिकायत की थी कि वह उसके घर के सामने से सिनेमा का गाना गाता हुआ निकलता है। इस कारण पंचों ने उसे बिरादरी से निकाल रखा है। मुनरी को पता है कि गोधन पंचलाइट जला सकता है। वह चतुराई से यह बात पंचों तक पहुँचा देती है। पंच गोधन को पुनः बिरादरी में ले लेते हैं। वह ‘पंचलाइट’ को जला देता है। मुनरी की माँ गुलरी काकी प्रसन्न होकर गोधन को शाम के भोजन का निमन्त्रण देती है। पंच भी अति उत्साहित होकर गोधन को कह देते हैं-“तुम्हारा सात खून माफ। खूब गाओ सलीमा का गाना।” पंचलाइट की रोशनी में लोग भजन-कीर्तन करते हैं तथा उत्सव मनाते हैं।

गदेला उत्सव की अंतिम प्रस्तुति विन्ध्य के प्रसिद्ध लोक गायक यशो शास्त्री के द्वारा लोकगीत एवं भजनो की हुई। दर्शकों ने कार्यक्रम को खूब सराहा और मुक्त कंठ से प्रशंसा की। कार्यक्रम में संध्या पंकज त्रिपाठी ( सरपंच ) प्रीतराज शर्मा, मदन मिश्रा, गोलू मिश्रा, ऋषि पटेल, रामभुवन कुशवाहा, किशन मिश्रा, रंग अनुभव, आर्ट पॉइंट, सुमन मिश्रा, अंजुला मिश्रा, प्रमोद गौतम, मोहित कुशवाहा, सागर मिश्रा, अरुणोदय सिंह, रत्नेश गोस्वामी, बादल नट, भूमिका निगम, सांभवी श्रीवास्तव आदि के साथ ही ग्राम भलुहा, भलुही, पैपखरा, रोर, एतला और रामनई के ग्रामवासी बहुत संख्या में उपस्थित हो कर कार्यक्रम के साक्षी बने। आभार संस्था के सचिव विनोद कुमार मिश्र ने दिया।

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