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Rewa news टीआरएस कॉलेज के भौतिकी एवं कम्प्यूटर साइंस विभाग द्वारा अनुसंधान और विकास में एआई का अनुप्रयोग विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन

Rewa news शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा के भौतिक शास्त्र एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा दिनांक 22 एवं 23 मार्च 2025 को दो दिवसीय राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी अनुसंधान और विकास में एआई का अनुप्रयोग का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ. राजेंद्र कुडरिया कुलगुरु अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा तथा अध्यक्ष संरक्षक/प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी प्राचार्य शासकीय ठाकुर रणमत सिंह महाविद्यालय रीवा तथा मुख्य वक्ता डॉ. सतानंद मिश्र। संगोष्ठी के संयोजक डॉ.अच्युत पांडे, सह संयोजक डॉ. अमित तिवारी एवं आयोजक सचिव प्रो. ओम प्रकाश शुक्ल थे। राष्ट्रीय संगोष्ठी का प्रारंभ विधिवत सरस्वती पूजन व वंदना तथा माननीय अतिथि गणों का पुष्पगुच्छ से स्वागत करके हुआ। प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी ने अपने स्वागत उद्बोधन में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का महाविद्यालय परिवार की तरफ से स्वागत किया। तत्पश्चात अतिथियों  को स्मृति चिन्ह एवं किट भेंट की गई। संगोष्ठी के उद्देश्यों का वाचन संयोजक डॉ. अच्युत पाण्डेय के द्वारा किया गया। डॉ.अच्युत पांडे ने कहा कि आज के युग में एआई ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रत्येक क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाए हैं।

इस संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य एआई के अनुसंधान में हो रहे विकास को समझना और इसके भौतिक शास्त्र तथा कंप्यूटर विज्ञान में उपयोग की संभावनाओं पर विचार-विमर्श करना है, डॉ. सतानंद मिश्रा ने की नोट एड्रेस देते हुए बताया कि एआई के क्षेत्र में हो रहे अभूतपूर्व विकास और इसके अनुसंधान एवं विकास के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा,   कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने पिछले कुछ दशकों में तकनीकी दुनिया में अभूतपूर्व परिवर्तन किए हैं। यह न केवल कंप्यूटर विज्ञान, बल्कि भौतिक शास्त्र, जीवन विज्ञान, चिकित्सा और अन्य कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। प्रो. सुभाष चंद्र चतुर्वेदी ने इस अवसर पर एआई के भौतिक शास्त्र में संभावित अनुप्रयोगों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि कैसे एआई का उपयोग मौलिक भौतिकी अनुसंधान में, जैसे कण भौतिकी, क्वांटम कंप्यूटिंग, और आण्विक भौतिकी में नई खोजों के लिए किया जा सकता है।

मुख्य अतिथि डॉ. राजेन्द्र कुमार कुडरिया ने अपने उद्बोधन में कहा की हमारे देश में एआई के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास को नई दिशा देने की आवश्यकता है। इस संगोष्ठी का आयोजन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह न केवल विभिन्न वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक मंच प्रदान करता है, बल्कि यह छात्रों को एआई के क्षेत्र में अपनी रुचि और कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित भी करता है। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रोफेसर अखिलेश शुक्ल विभागाध्यक्ष समाज कार्य विभाग के द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन प्रो. ओम प्रकाश शुक्ला के द्वारा किया गया। उद्घाटन सत्र के बाद संगोष्ठी के विभिन्न तकनीकी सत्रों की शुरुआत हुई, जिसमें एआई के अनुप्रयोगों और अनुसंधान कार्यों पर गहन चर्चा की गई। उनके विचारों ने संगोष्ठी के उद्देश्य को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया और प्रतिभागियों को एआई के क्षेत्र में नए दृष्टिकोणों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।

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