Economic Survey 2024: अच्छी सेहत भी है काम के लिए जरूरी, इंटरनेट और खराब खानपान को लेकर चिंता जताई

Economic Survey 2024: आर्थिक सर्वेक्षण ने इस बात पर चिंता जताई है कि इंटरनेट मीडिया, स्क्रीन समय और अस्वस्थ भोजन की आदतें लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही हैं और उनकी उत्पादकता पर भी बुरा असर डाल रही हैं। इसके परिणामस्वरूप, देश की आर्थिक ताकत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस संदर्भ में, निजी क्षेत्र को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
आर्थिक सर्वेक्षण में क्या कहा गया है?
सर्वेक्षण के अनुसार, पूंजी को श्रम की तुलना में प्राथमिकता देना दीर्घकालिक कॉर्पोरेट विकास के लिए सही नहीं होगा। यह निष्कर्ष इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है क्योंकि उद्यमियों और उद्योगपतियों ने मांग की कमी का हवाला देते हुए निवेश करने में झिझक दिखाई है।
कौशल के साथ अच्छी सेहत पर भी ध्यान देना जरूरी
सर्वेक्षण के मुताबिक, देश की कामकाजी जनसंख्या को सार्थक रोजगार प्रदान करने के लिए यह आवश्यक है कि वे कौशल के साथ-साथ अपनी सेहत के बारे में भी चिंतित रहें। इस संदर्भ में, भारतीयों के बीच उभरती खाद्य आदतें न केवल अस्वस्थ हैं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अच्छी नहीं हैं।
भारतीय व्यवसायों को दिखानी होगी समझदारी
भारतीय पारंपरिक खाद्य आदतें और व्यंजन सदियों से साबित कर चुके हैं कि ये सेहत के लिए बहुत अच्छे हैं और प्रकृति के साथ तालमेल में भी हैं। भारतीय व्यवसायों को इस मामले में समझदारी दिखानी होगी कि वे भारतीय खाद्य आदतों और व्यंजनों को अपनाएं। विश्व बाजार भी उनकी प्रतीक्षा कर रहा है।